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yaad
तुमने तो भुला दिया जाना बेगाना समझ कर,नज़रो से दूर तो हम थे ही, अब दिखा दिया दिल से भी दूर कर ! सोचा नही था ऐसा की वो भी बदल सकते है , जो सिखाते थे प्यार करना !खैर.......! वो बदल सकते हैकीसी को भी महफिल का गिलास समझकर, हम कैसे बदले उनको अपनी तो जिंदगी खत्म होती है, उन्ही से शुरू होकर !
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